Israel ने हारशी को मार गिराया , China के 26 कॉल्स ने पलटी पूरी गेम

साक्षी चतुर्वेदी
साक्षी चतुर्वेदी

सीजफायर का शोर… लेकिन जमीन पर धमाके। Israel ने Lebanon में ऐसा हमला किया कि पूरी दुनिया चौंक गई।

दावा— Hezbollah चीफ से जुड़े शख्स को ढेर कर दिया गया। उधर, ceasefire का क्रेडिट लेने की होड़ में
Pakistan और China आमने-सामने दिख रहे हैं।

सीजफायर के बीच Israel का बड़ा वार

Israel ने Lebanon में बड़ा ऑपरेशन करते हुए Hezbollah से जुड़े एक अहम टारगेट को मार गिराने का दावा किया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सेना ने बड़े ऑपरेशन में हिजबुल्लाह चीफ नईम कासिम के भतीजे / पर्सनल सेक्रेटरी अली यूसुफ हारशी को बेरूत में मार गिराया है।

दहशत में मिडिल ईस्ट, हाई अलर्ट

सीजफायर के ऐलान के बावजूद पूरे खाड़ी क्षेत्र में तनाव बना हुआ है। Qatar, Kuwait और Saudi Arabia जैसे देशों में हाई अलर्ट जारी है। लोग अब भी हमलों के डर में जी रहे हैं, क्योंकि युद्धविराम के बाद भी सैन्य गतिविधियां पूरी तरह बंद नहीं हुई हैं।

असली गेमचेंजर: China की एंट्री

जहां Pakistan खुद को मध्यस्थ बता रहा है, वहीं असली भूमिका China की सामने आई है। राष्ट्रपति Xi Jinping के निर्देश पर विदेश मंत्री Wang Yi को विशेष दूत बनाकर मिडिल ईस्ट भेजा गया।

26 फोन कॉल्स से बना सीजफायर

Wang Yi ने खाड़ी और वैश्विक देशों के विदेश मंत्रियों से 26 बार बातचीत की। इसमें Iran, France, Russia, Saudi Arabia, United Arab Emirates समेत कई देश शामिल रहे। लगातार कूटनीतिक दबाव और बातचीत के बाद ही ईरान युद्धविराम के लिए राजी हुआ।

China का दावा: 5 सूत्रीय शांति प्लान

Ministry of Foreign Affairs of China के प्रवक्ता ने बताया कि चीन ने मिडिल ईस्ट में शांति के लिए 5 पॉइंट का प्रस्ताव दिया था। चीन का कहना है कि एक “जिम्मेदार वैश्विक शक्ति” होने के नाते उसका कर्तव्य था कि वह जंग को रोके—और उसने वही किया।

US-Iran डील: 10 शर्तों पर बातचीत

राष्ट्रपति Donald Trump के मुताबिक, Iran ने 10 सूत्रीय प्रस्ताव भेजा था, जिस पर बातचीत के बाद सीजफायर का ऐलान किया गया। वहीं ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल का दावा है कि अमेरिका ने उनकी शर्तें मान लीं— यानी यह सीजफायर ईरान की शर्तों पर हुआ।

पाकिस्तान पर उठे सवाल

Pakistan के दावों के बीच अब सवाल उठ रहे हैं कि क्या वह सिर्फ क्रेडिट लेने की कोशिश कर रहा था? क्योंकि जमीन पर जो कूटनीतिक गतिविधियां दिख रही हैं, उनमें चीन की भूमिका ज्यादा मजबूत नजर आ रही है।

शांति या रणनीतिक विराम?

मिडिल ईस्ट में हालात अभी भी बेहद नाजुक हैं।

  1. Israel के हमले जारी
  2. Iran की शर्तें सख्त
  3. China की कूटनीति सक्रिय

ऐसे में यह कहना जल्दबाजी होगी कि यह असली शांति है या सिर्फ अगले बड़े टकराव से पहले का विराम।

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